धीरज अहलावत की पत्नी सीमा का कहना है कि उनके पति की किसी से दुश्मनी नहीं थी। हो सकता है कि जिस फाइनेंस कंपनी को कुछ लोगों के साथ मिलकर धीरज चला रहे थे, उसी से ऋण लेने वाले व्यक्ति ने हत्या कराई हो। पुलिस को इस पहलू से जांच करनी चाहिए। धीरज की कॉल डिटेल से भी कई रहस्य खुल सकते हैं।

सेक्टर-46 निवासी यस बैंक के वाइस प्रेसिडेंट (वीपी) धीरज अहलावत (38) की मौत के मामले में एसआईटी उसके परिजनों व दोस्तों से पूछताछ कर रही है पर पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दूसरी ओर धीरज की पत्नी सीमा और उनके रिशतेदारों ने पुलिस के ढीले रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। सीमा का कहना है कि उनके पति का किसी ने पहले अपहरण किया फिर हत्या कर शव गायब करने के लिए दिल्ली में रोहिणी के निकट हैदरपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को जाने वाली नहर में डाल दिया था। उनका 5 अगस्त 2020 को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई।
सीमा को शक है कि धीरज की हत्या पैसे के लेन-देन को लेकर की गई है। 37 वर्षीय धीरज पत्नी सीमा तथा पांच साल की बेटी व डेढ़ साल के बेटे के साथ रहते थे। सीमा का कहना है कि पुलिस अगर गंभीरता से जांच करे तो हत्या करने या कराने वालों के चेहरे सामने आ सकते हैं। बता दें कि धीरज बैंक की नौकरी के अलावा कई लोगों के साथ मिलकर एक फाइनेंस कंपनी भी चला रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज से संकेत
सीसीटीवी फुटेज में वह पार्क से निकलकर मुख्य सड़क तक जाते दिखाई दिए। बताते हैं कि उनके मोबाइल पर वाट्सएप कॉल आई उसके बाद वह घर की ओर न जाकर किसी और दिशा में आगे बढ़ गए। उसके बाद से वह लापता हो गए। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर धीरज के पिता राज सिंह ने हुरूग्राम के सेक्टर 50 थाने में शिकायत दर्ज कराई। सीमा का कहना है कि पुलिस ने अपहरण मामले की गंभीरता से जांच नहीं की। 12 अगस्त को धीरज का शव दिल्ली के हैदरपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को आने वाली नहर के जाल में फंसा मिला।
दिल्ली पुलिस ने शव को पहचान के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया था। सूचना मिलने पर राज सिंह ने बेटे की शव की पहचान की थी। इसके बाद भी सेक्टर 50 थाना पुलिस ने मामले की जांच तेज नहीं कि तो धीरज के परिजन पुलिस आयुक्त केके राव से मिले। दिल्ली में हुई मौत के बाद गुरुग्राम पुलिस मृतक की विसरा जांच रिपोर्ट जल्दी लेने का प्रयास कर रही है। इस मामले में दिल्ली पुलिस से कितनी मदद ली कहना मुश्किल है।
पुलिस आयुक्त ने सोमवार को एसआइटी गठित कर दी, जिसमें सेक्टर 40 क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर गुणपाल, सेक्टर 50 थाने के एएसआइ चंदगीराम और साइबर क्राइम थाने के हेड कांस्टेबल संदीप शामिल हैं। धीरज के स्वजन कह रहे हैं कि एसआइटी उनसे बहुत संपर्क करती है। एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अभी परिजन ही अपहरण और हत्या का आरोप लगा रहे है, लेकिन कोई चश्मदीद नहीं मिल पाया।
रकम के लेनदेन में हत्या का शक

एसआईटी ने सिलसिलेवार तरीके से धीरज के माता, पिता, भाई व दोस्तों से पूछताछ की। एसआईटी इनसे मिले जवाब की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस ने मृतक के साइबर पार्क की मोबाइल लोकेशन की भी जांच पड़ताल की। हालांकि एसआईटी के हाथ कुछ खास नहीं लगा। इसके अलावा एसआईटी धीरज अहलावत के मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर उन लोगों से सवाल-जवाब कर रही है, जिनकी धीरज से बातचीत हुई थी। बहरहाल एसआईटी प्रभारी एसीपी प्रीतपाल सांगवान ने खबर इंडिया को बताया कि पुलिस के इस मामले में जल्द ही सफलता मिलेगी।
