हत्या के बाद नक्सली कुछ देर वहीं डटे रहे। इस बीच छन्नू ने दम तोड़ दिया। बीच गांव छन्नू की हत्या से ग्रामीण दहशत में आ गए। छन्नू इस इलाके का जाना माना नेता था। इससे पहले भी कई बार वह नक्सलियों के निशाने पर आ चुका था।
प्रमोद ब्रह्मभट्ट/दंतेवाड़ा

हत्या के बाद नक्सली कुछ देर वहीं डटे रहे। इस बीच छन्नू ने दम तोड़ दिया। बीच गांव छन्नू की हत्या से ग्रामीण दहशत में आ गए। छन्नू इस इलाके का जाना माना नेता था। इससे पहले भी कई बार वह नक्सलियों के निशाने पर आ चुका था। इसके बावजूद वह चोलनार व उसके आसपास के गांवों में बेखौफ आया जाया करता था। इधर घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके के लिए रवाना हो गई है। छन्नू की हत्या के पीछे कई तरह की अफवाहें भी उड़ रही हैं।
सुरक्षा देने में नाकाम: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि ऐन चुनाव के समय नक्सली क्षेत्र में कांग्रेसी नेता की सुरक्षा कम हो जाती है। वहां सुरक्षातंत्र कमजोर हो जाता है। राज्य कांग्रेसियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम है। ज्ञातव्य है कि पिछली परिवर्तन यात्रा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल सहित 29 नेताओं की नक्सली हमले में जान गई थी।
